Thursday, 15 August 2013

तिरंगा हमारा

तिरंगा हमारा

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ये सरहद ही घर हमारा
ये देश हैं अभिमान हमारा

देश के लिए जीना और मरना
सुरक्षित रहे यह देश हमारा

हम मतवाले हैं हम दीवाने
देश पर मर मिटना  काम हमारा

हम हैं सीमा के सजग प्रहरी
अमन शांति से नाता हमारा

ना हम कायर ना हम कमजोर
सहनशीलता हैं गहना हमारा

तीन रंगों से सज़ा ये तिरंगा
आन बान शान  का प्रतिक हमारा

विश्व की कहलाये विजय पताका
हर दिल का अरमान तिरंगा हमारा

झुक ना सके किसी के सामने
ऊँचा रहे सदा तिरंगा हमारा

नील

Saturday, 10 August 2013

तुम



तुम 
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एक नवयोवना सी तुम 
लगती प्यारी सुंदर  तुम 
तुम लगो गागर में सागर
अपने में सर्वगुण संपन्न तुम 

पवित्र निश्छल मन की तुम 
मेरे मन मंदिर में बसती तुम 
तुम लगो देवलोक की अप्सरा 
अप्रतिम सोन्दर्य की मूरत तुम 

कविता का श्रृंगार हो तुम 
शब्दों का अलंकार हो तुम 
तुम लगो शब्दकोष का भण्डार 
काव्य का अनुपम संसार तुम 

इठलाती नदियों की रवानी तुम 
हर मौजो की प्रेमकहानी तुम 
तुम लगो शिव की जटा से बहती जलधारा 
स्वर्गलोक से उतरी भागीरथ की गंगा तुम 

फूलो कलियों को महकाती तुम 
गुलशन की सुहानी बहार तुम 
तुम लगो फूलो का अमृत 
भंवरो के मन का प्यार तुम

" नील

Sunday, 4 August 2013

दोस्त और दोस्ती





दोस्त और दोस्ती
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एक रिश्ता जो दिल में बसता हैं
दिल से बनाया हुआ
सबसे अलग , सबसे ज़ुदा
श्रीकृष्ण सुदामा सा
तेरी मेरी दोस्ती का
जग में सबसे निराला
ना खून का रिश्ता , ना नातो का बंधन
निभाते दिल से
यही तो कहलाये अपनी दोस्ती मित्रता , प्यार
सब बन्धनों से परे अनोखा प्यार
दोस्ती ना कोई खेल, ना व्यापार
ये तो दोस्तों का अदभुत  संसार
खिली खिली धुप सा ,
महकी महकी खुशबू सा
अहसास हैं इसमें अपनेपन का
ये सौगात हैं अनमोल हीरे सी
चमक जिसकी साल-दर-साल बढ़ती जाये
ये वो अमृत हैं जिससे
दिलो की नफ़रत मिट जाये
दोस्तों का प्यार , दोस्ती की दरकार
भगवान् को रूप बदल-बदलकर
बार बार धरती पर अवतार कराये
छल-कपट होता नहीं इसमें
जिसमे छल-कपट हो दोस्ती ना कहलाये
दोस्ती नाम ही जीवन में
खुशियों से दामन भर दे
सच्चा दोस्त मिलना हैं बहुत मुश्किल
मिल जाये तो जिंदगी और
जीने का तरीका बदल जाये
खुशनसीब हूँ मैं , बहुत ही खुशनसीब
मुझे इस जीवन में सच्चे दोस्त मिले
जाने क्या पूण्यकर्म थे मेरे
दोस्त के रूप में भगवान् मिले
वैसे तो जीवन में जिसको दोस्त मिल जाये
उसका हर दिन दोस्ती  के नाम होता हैं
मगर संसार ने आज के दिन को
मित्रता दिवस का नाम दिया हैं
तो आओ हम भी मनाये
मित्रता दिवस पर्व अपनी दोस्ती के नाम

नील

Saturday, 3 August 2013

पहल

पहल
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आओ हम एक पहल करे
निरक्षरों को साक्षर करे
पढाये अपना बच्चा समझकर
उनका भविष्य उज्जवल करे

आओ हम एक पहल करे
दुखियों के दुख दूर करे
मन से उन्हें अपना समझकर
उनके सपने साकार करे

आओ हम एक पहल करे
पर्यावरण को स्वच्छ करे
प्रकृति को अपना घर समझकर
उसका पूरा रख-रखाव करे

आओ हम एक पहल करे
समाज से कुरीति दूर करे
बालविवाह ,दहेजप्रथा को रावन समझकर
उनका विनाश करे संहार करे

आओ हम एक पहल करे
नारी का मन से सम्मान करे
उसे सिर्फ भोग की वस्तु समझकर
उसकी इज्ज़त से कभी ना खिलवाड़ करे

आओ हम एक पहल करे
तन-मन से देश का उत्थान करे
उसे अपना आत्म-सम्मान समझकर
सारे जहाँ में उसका वर्चस्व कायम करे

नील

Friday, 2 August 2013

एक अनजाना सफ़र



एक अनजाना सफ़र
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सूरज की पहली किरणे 
और निकल पड़ा मैं 
एक अनजाने सफ़र को
ना मंज़िल  का पता 
ना कोई साथी मेरा 
सुनसान राहे और 


ऊँचे ऊँचे पड़ो के बीच 
मेरे कदमो की आहट 

सन्नाटे को चीरती  
बार बार ये अहसास दिलाये 

मैं अकेला नहीं 
कोई तो हैं जो 
चल रहा मेरे साथ 
पर मैं जानता हूँ 
इस तनहा जीवन में 
कोई मेरा साथी नहीं शायद….
 यही मेरी तलाश हो
किसी को अपना साथी या
हमसफ़र बनाऊ
इस जीवन के सफ़र में
यही सोचते सोचते
ना जाने कहाँ चला जा रहा हूँ
इस अंतहीन सफ़र में
सूरज की पहली किरणों के साथ................

 नील 
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